صور الصفحة
PDF
النشر الإلكتروني
[ocr errors]

वुड़ा घर भाङ्गिया वेगारि साजाइल । साइङ्गे साइङ्गे खड़ी याइते लागिल ॥ तैल वृत सरिसा तिल यावार लागिल । यत ज्ञाति सग आनिल राखो दिया । कांचा वांस काटिया मछलि साजाइल धर्मि राजाक निल मछलि साजाझ्या । मयना मति चड़े कोयाइरक लागाझ्या ॥ हरिगुन गान मयना गाइवार लागिल | सङ्कीर्तन करिवार लागिल नदीर पाहार लागि गमन करिल ॥ १६४ उत्तर दक्षिने चिता आरोपिल । खुटि गाड़िया माचान पातिल ॥

१६५ खुटिर वगले २ वसाझ्या गेल तेर हाड़ि। तार निचे वसाझ्या गेल तैलेर हाड़ी। सरिसा तिल गुला दिल छिटाझ्या ॥

१६६ गुरु गुरु वलिया मयना हुङ्कार छाडिल । साक्षात गोरक नाथ आसिया खाड़ा हाल ॥

रक्षा कर रक्षा कर गोरक विद्याधर ।

१६८

१७०

यायो यायो मयना तोमाक दिनु वर ॥
माघ मासिया जार लागिवे अनलेर भितर ॥
कपाल भर्त्ति सिन्दुर मयना परिते लागिल ।
पाटेर साड़ी मयना परिधान करिया ।
सुवन काटारि आमेर ठाल निल हस्तेते करिया।
उत्तर दक्षिने राजाक निल सोताझ्या ॥
मयनार डाइन हस्तेते राजा सितान दिल ।
राजार वाम हस्त मयना सितान दिल ॥
एकखान करिया खड़ी दिल नगरि घरे घरे।
आकास जमिने खड़ी ठेक लागिल ॥
चोया चन्दन छिटाइल चन्द्र सदागर।
अनल लागाझ्या दिते नाइ एक रति ॥

१७१

१७२

दुयारेर आगत छिल गुरु पारनेर घर ।

१७७

तांय उका तुले दिल हस्तर उपर ॥

१७४ यत ज्ञास्ता सकल एक हाड़ी जल दिया। साइङ्गत करिया एक पाक दुइ पाक पांच पाक दिल । हरि वाल वलिया आनल लागाझ्या दिल ॥

१७५ यत घड़ी ब्रह्मा सुतेर वास पाइल । धां धां करिया अनल ज्वलिवार लागिल ॥

१७६ सात दिन नयो राइत मयना अनलेर भितर। पुड़िते पोड़ा ना याय परिधानेर कापड़ ॥ धर्मि राजाक पोड़ाझ्या मयना कोलाते कैल छाइ । रेत मयना वैसे आछे येन घरेर गोसाइ ॥ धर्मि राजाक पोड़ाझ्या सर्गे उठिल धुया । वैसे आहे मयना मति येन कांचा माना ॥

१७६ छोट ज्ञास्ता उठे वले वड़ ज्ञास्ता भाइ । फिक देनो फिक देो ज्ञास्ता सकल ॥ मयना मती वैसे आधे अनलेर भितर मयना वले सुन ज्ञास्ता सात मासी केले आछे उदरेर भितर ॥ फिक ना देन ज्ञास्ता सकल ॥

१८१ छोट ज्ञास्ता उठे वले वड़ ज्ञास्ता भाइ। चान्देर वरावर चल चलिया याइ ॥

१२ छोट हइते जान तोरा चान्द सदागर। कि जोयाव देय आमार वरावर ॥

१८३ आग दुयारे सदागर पसार खेलाय। खेरकिर दुयार दिया प्रनाम योगाय ॥

१८०

१८४

OC

[blocks in formation]

१८७

१८

१८

ताक मारिवार चायो ज्ञास्ता सकल ॥
वायोयान्न कुटि कोचड़ा पाकायो तेपथित वसिया ।
वाइस मोन पसान नेत्रो साइङ करिया ॥
जलिया गुतिया नेयो वाहेर करिया।
वाइस मोन पासान देयो वुकत वान्धिया ॥

॥ अागरार

समते मयनाक देशो वोल भासाझ्या । छिनान करिया यायो महलत लागिया ॥ रे कथा सुनिया ज्ञास्ता ना थाकिल रैया । वाइस मोन पासान लेल साइङ्ग करिया ॥ मयना मतिक वाहिर करिल लिया गुतिया । वाइस मोन पासान दिल वुकत वान्धिया ॥ आगरार सा मल मयनाक दिल भासाश्या । छिनान करिया ज्ञास्ता गेल चलिया ॥

१६०

१६१

१६२

१६३

१६४

१६५

१६६

आठार मास आठार दिन मयनार गेल पुरिया ।
एत धर्मि राजा करट फिरिल |
मैलाम मैलाम वलिया मयना कान्दिवार लागिल ॥
खरुपा ज्ञान मयना मारिल तुलिया।
वाोयान्न कुटि कोचड़ा फेलाइल काटिया ॥
मैल्लाम मैल्लाम वलिया मयना निम तरु तले उठिल |
हाड़िया कोने येन देोया गर्जिल ।
फुले जले महाराज मत्तिकाय पडिल ।
या चोंया करिया तिनि राम्रो काडिल ॥
छोट ज्ञास्ता उठे वले वड़ ज्ञास्ता भाइ ।
किसेर छले कान्दे चल देखिवार याइ ॥
एक पाय दुइ पाय प्राइल चलिया।
मयना वले सुन ज्ञास्ता मोर वुद्धि धर ॥
वड़ राजार पालकी आन साजाइया ।
छाप्रोयाल राजाक नेत्रो महलक लागिया ॥
वड़ ये पालकी अानाइल साजाझ्या ।
धर्मि राजाक नइल पालकीत चड़ाइया ॥

१६७

१६८

१६६

२००

२०१

[blocks in formation]
[blocks in formation]

तोक वलो वान्दो वाक्य मोर धर । दाझ्यानिर महलक लागिया गेल चलिया । दाइयानिक आनिल डाक दिया।

२०८ दोनो केलार नाड़ि छेद करिल वसिया । यत किकु दान दिल दास्यानिक लागिया । दाइयानि गेल महलक लागिया ॥

२०६ आजि आजि कालि कालि करिया सात दिन हइल । सात दिन पर्यन्त राजा सादिना कोराइल ॥

२१० आजि आजि कालि कालि करिया दस दिन हुइल । दस दिन परे राजा ए दसा करिल ॥

२११ त्रिस दिने राजा त्रिसा करिल, संकीर्तन करिवार लागिल । ज्ञास्ता सकल ग्रासिया यज्ञ करिल ॥ यत ज्ञाति सकलक भोजन कराइल | तद घड़ि मयना मति मत्स परस करिल ॥

२१३ आजि आजि कालि कालि करिया एक वत्सर हइल । एक वत्सर वादे एक दिन ग्रासिल ॥

२१४ आजि कालि करिया पांच वत्सर हइल । गुरुर निकटे पड़िवार दिल ॥ ॥

२१५ चारि कलमे राजाक लिखा सिखाइल । आजि काली करिया सात वत्सर हइल ॥

२१६ नाम राजार तखनइ राखिल ।

२१२

२०९ । नाड़ि = नाभि ।।

२१३ । मत्स = मत्स्य । परस = स्पर्श

२१७ २१८

मानिक चन्द्र राजार वेटा गोपि चन्द्र थुइल ॥
ताहार छोट भाइयेर नाम खेतुया लङ्क स्वर ॥
आजि काली करिया नो वत्सर हइल |
तखनि मयना मति कोन काम करिल ॥
गुरु ब्राह्मनेर साइक्षात कथा वलिवार लागिल ॥

२१६

२२०

२२१

२२२

२२३

२२४

या या गुरु वामन वाक्य यामार लो।
हरि चन्द्र राजार काछ सीघ्र करिया यायो॥
तार घरे आछे अदुना पदुना कन्या दुइजन ।
तार आछे कन्या दुइ जन महलेर भितर ।
ऐ कन्या युड़िया आइस वलिलाम तोमाय ॥
ऐ कथा सुनिया ब्राह्मन ठाकुर ना थाकिल रैया ।
हरि चन्द्र राजार वाड़ी गेल चलिया ॥
हरि चन्द्र राजा वलिया तुलिया छाड़े रायो।
घरे छिल हरि चन्द्र राजा वाहिरे दिले पायो॥
पण्डित ठाकुर वलिया करे प्रनाम ॥
दिव्य सिंहासन वसिवार दिल ।
कर्पुर ताम्बुल दिया जिज्ञासा करिल ॥
केने केने गुरु ब्राह्मन एत दुर गमन ॥
मयना पाठाझ्या दिल तोमार वरावर।
तोमार घरे कन्या आछे अदुना पदुना।
ताक युड़िवार चाय मयना सुन्दर ॥
मयनार पुत्र आछे महलेर भितर।
ताके विया दिवार चाय मयना सुन्दर ॥

२२५

२२६

२२७

२२८

२२६

२३०

या या वलिया ताके हुकुम दिल ।
र कथा सुनिया ब्राह्मन मयनार महले गेल ॥
भारे लइल गुया साइङ्गे लइल पान |
गुया पान काटिवार गेल ब्राह्मन पञ्च जन ॥
गुया पान काटिया सुभासुभ वुभिल ।
विवाहेर दिन तखनइ करिल ॥

२३१

२३२

२२० । साक्षात - साक्षात् ॥

« السابقةمتابعة »